जज़्बात की आंधी सूखे पत्तों को
महका जाती है
बीते लम्हों की कसक जब
पलकों पर छलक आती है
यादों की थाम उंगली बेचैन रूह
टूटे खण्डहर में समां जाती है
गुजरे लम्हों की दास्तां यादों के पन्ने
पलट जाती है
जिंदगी की किताब जब अलमारी से
निकल आती है
बजाते ही सोच का साज चुपके-चुपके
अल्हड़-शोख़ शरारतों की वीणा
पत्थर जिस्म को हरक़त की हंसी
दे जाती है
हृदय-पटल के तबले पर जब यादों की थाप
पड़ जाती है
जो छूट गया वो साथ,जो बीत गया वो पल
जो बिखर गए वो मोती,जो तन्हा रह गया वो वज़ूद
ख़ामोश रूह तन्हा ही सफर उन गलियारों का
कर आती है
कुछ अधूरे ख़्वाब,कुछ अनकही फ़रियाद
कुछ ढके-मुदे राज,कुछ खुशनुमा अहसास
सबको यादों की कश्ती में कर सवार
उम्र की लहरें वक़्त के समुन्दर में
गोतें लगा आती हैं
दूरियों के भंवर में जब मिलन की झंकार
कसमसाती है
एक टीस तड़प के पोरों से नस-नस में
पिघल जाती है
बीते लम्हों की कसक जब पलकों पर
छलक आती है
महका जाती है
बीते लम्हों की कसक जब
पलकों पर छलक आती है
यादों की थाम उंगली बेचैन रूह
टूटे खण्डहर में समां जाती है
गुजरे लम्हों की दास्तां यादों के पन्ने
पलट जाती है
जिंदगी की किताब जब अलमारी से
निकल आती है
बजाते ही सोच का साज चुपके-चुपके
अल्हड़-शोख़ शरारतों की वीणा
पत्थर जिस्म को हरक़त की हंसी
दे जाती है
हृदय-पटल के तबले पर जब यादों की थाप
पड़ जाती है
जो छूट गया वो साथ,जो बीत गया वो पल
जो बिखर गए वो मोती,जो तन्हा रह गया वो वज़ूद
ख़ामोश रूह तन्हा ही सफर उन गलियारों का
कर आती है
कुछ अधूरे ख़्वाब,कुछ अनकही फ़रियाद
कुछ ढके-मुदे राज,कुछ खुशनुमा अहसास
सबको यादों की कश्ती में कर सवार
उम्र की लहरें वक़्त के समुन्दर में
गोतें लगा आती हैं
दूरियों के भंवर में जब मिलन की झंकार
कसमसाती है
एक टीस तड़प के पोरों से नस-नस में
पिघल जाती है
बीते लम्हों की कसक जब पलकों पर
छलक आती है