तमन्नाओं की झंकार खो गयी है
तन्हाई की भूल-भुलैया में
मुस्कुराहटों की रफ़्तार थम गयी है
उदासी की नैन-लड़ैया में
अश्क़ हमसे मिल ही लेते हैं गले
गम की मौज-मड़ैया में
पीकर प्याला दर्द का थिरकते है जख्म
मायूसियों की नाच-नचैया में
लगाकर बाज़ी फरेब की जीत ही लेते है दिल
वो नैनों के खेल-खिलैया में
खिल ही जाते है कँवल उनकी यादों के
दिले-हूक की ताल-तलैया में
भिगोकर अहसास सोख लेते हैं जाँ
वो वादों की रास-रसैया में
लम्हा-लम्हा बिखर जाते है ख्वाव
गुरूर की हठ-हठैया में
गटककर रुसवाई डूब गए हम
चाहत की राम-रमैया में
तन्हाई की भूल-भुलैया में
मुस्कुराहटों की रफ़्तार थम गयी है
उदासी की नैन-लड़ैया में
अश्क़ हमसे मिल ही लेते हैं गले
गम की मौज-मड़ैया में
पीकर प्याला दर्द का थिरकते है जख्म
मायूसियों की नाच-नचैया में
लगाकर बाज़ी फरेब की जीत ही लेते है दिल
वो नैनों के खेल-खिलैया में
खिल ही जाते है कँवल उनकी यादों के
दिले-हूक की ताल-तलैया में
भिगोकर अहसास सोख लेते हैं जाँ
वो वादों की रास-रसैया में
लम्हा-लम्हा बिखर जाते है ख्वाव
गुरूर की हठ-हठैया में
गटककर रुसवाई डूब गए हम
चाहत की राम-रमैया में
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