आत्म परिचय
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नाम - श्रीमती अमिता सिंह
पिताश्री -स्व. श्री धर्मेन्द्र सिंह
माताश्री -स्व. विद्या वती
जन्म- 18 नवम्बर ,झाँसी
शिक्षा- एम. ए.(अर्थ शास्त्र)
पता- 40,चंद्रलोक हाइडिल कॉलोनी, अलीगंज - लखनऊ
मोबाइल- 7860071064
ईमेल- amita64.singh@gmail.com
निजी अभिरुचि- साहित्य,संगीत,सांस्कृतिक कार्यक्रम,समाज सेवा।
प्रकाशित पुस्तक- "रोटियां तपने दो"व "अगीत अंतस से" कहानी,ग़ज़ल,कवितायेँ समय समय पर विभिन्न अखबार व पत्र पत्रिकाओं मे प्रकाशित होती रहती हैं। मुख्य विषय नारी जीवन की समस्याएं व उनसे उबरने के प्रयास।
साहित्यसंस्थाओं से जुड़ाव- नव सृजन संस्था,अ. भा.अगीत परिषद्,काव्या समूह,तपोवन साहित्य-
परिषद, तुलसी संसथान,लक्ष्य साहित्य परिषद् सृजन संस्था व शक्ति क्लब,राष्ट्रीय एकता मिशन,साहित्य -सागर आदि।
प्रकाशनाधीन - " मैं तो जगत पिराऊँ " काव्य संकलन, नानाजी " हॉकी जादूगर मेजर ध्यानचंद"
जी पर संस्मरण पुस्तक व लघुकथायें आदि।
लखनऊ आकाशवाणी में "गृहलक्ष्मी " कार्यक्रम में जल संरक्षण व पर्यावरण पर काव्य पाठ।
सम्मान प्राप्त- सृजन साहित्य साधना सम्मान,भाषा रत्न सम्मान,14वां राष्ट्रीय पुस्तक मेला लखनऊ मे
अगीत संस्था द्वारा सम्मान,हिमालयन सम्मान,राम स्वरुप जगदेई स्मृति सेवा संस्थान,लखनऊ द्वारा सम्मान,महादेवी वर्मा सम्मान पत्र,साहित्यकार दिवस 1 मार्च 2017 शकुंतला शिरोठिया जी की पावन
स्मृति मे विशिष्ट प्रशस्ति पत्र।
खादी संस्था,काकोरी शहीद दिवस,आदि मंचों पर काव्य के माध्यम से प्रौढ़,बालिकाओं एवं नारी हितों
की रक्षा के प्रति कृतसंकल्प।
स्मृति समिति दिल्ली की तरफ से सम्मानित किया गया। समग्र विकास वेलफेयर सोसाइटी की तरफ से प्रेरणा स्रोत महिला सम्मान विश्व पर्यावरण दिवस ५ जून को दिया गया।
लखनऊ बंगीय नागरिक सम्मान व कुशवाहा मौर्य शाक्य सैनी कल्याण संस्था द्वारा सम्मानित किया गया।
नारायणी साहित्य अकादमी दिल्ली द्वारा सम्मान पत्र प्रदान किया गया।
मानद उपाधि --- अंतर्राष्ट्रीय हिन्दी सेवी संस्थान इलाहाबाद द्वारा "साहित्य श्री "की मानद उपाधि से
व विक्रम शिला हिंदी विद्यापीठ द्वारा "विद्यावाचस्पति
सम्मान " से सम्मानित किया गया।